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Black Wealth(Money) vs Demonetization

काला धन बनाम नकद-मुद्रा कितनी कारगर होगी,  विमुद्रीकरण प्रक्रिया व्यक्ति का धन उसके द्वारा जोड़ी गयी उसकी कुल संपत्ति है । जबकी नोट और सिक्के उस धन का अंश मात्र है और कुल मुद्रा का भी एक हिस्सा भर है । नकदी में नोट और सिक्के आते है जबकि मुद्रा यानी मनी / पैसे में नकद नोटों के साथ बैंक जमा के साथ वे पदार्थ भी आ जाते है, जिनका एक नकद मूल्य है और दूसरे पदार्थों को बेचने और खरीदने के लिए प्रयोग किए जाते है। जबकि व्यक्ति द्वारा जोड़े गये धन में मकान, दूकान, खेत, खलिहान, नकदी, बैंकों में जमा पैसा, सोना-चांदी नामी-बेनामी संपत्ति आदि सब कुछ आता है। कैश / नकदी मुख्यतः तात्कालिक उपभोग जरूरतों और लाभदायक सौदों पर खर्च करने भर के लिए रखी जाती है। उपभोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया गया खर्च है । शेष बचे भाग को बचत कहते है । उस शेष बचे भाग ‘ बचत ’ को लोग लम्बे समय तक करैंसी / नोट के रूप में नहीं रखते। बल्कि उसका प्रयोग पुनः धन-संपत्ति-पूँजी को जोड़ने में कर लिया जाता है । यह बात जितनी सफेद धन्धों पर लागू होती है । उतनी ही गोरख धंधों पर भी । काली कमाई से पैदा हुई, काली बचत भी ...