गली-गली में खुले हैं - इंग्लिश मीडियम स्कूल
-सरकारी तथा निजी स्कूलों में दाखिले की तुलनात्मक प्रवृति को खोजते हुए- शोध क्षेत्र के सर्वेक्षण से यह ज्ञात हुआ कि लोगों का तुलनात्मक झुकाव निजी स्कूलों की तरफ़ तेजी से बढ़ा है। देश के तमाम छोटे बड़े शहरों में ही नहीं बल्कि गांवों तक में भी 1990 के बाद जो तेजी से प्राइवेट स्कूल खुलने शुरू हुए उसमें वर्ष 2000 के बाद तेजी से उछाल आया है। इस बात की पुष्टि अनुसंधान क्षेत्र हरियाणा के फरीदाबाद , पलवल , होडल एवं महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में भी देखने को मिली। फरीदाबाद निवासी एवं पत्रकार सतीश कुमार के अनुसार सरकार ने नए बने सेक्टरों (आवासीय कॉलोनी) में स्कूलों के लिए निर्धारित प्लॉट निजी स्कूलों को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराये हैं। सतीश जी ने बताया कि सिर्फ दो प्लाट ऐसे हैं जो सरकारी स्कूल के नाम हैं। उसमें से भी एक में पुलिस चौकी है और दूसरे में प्राथमिक विद्यालय के साथ- साथ शिक्षा विभाग का जिला कार्यालय चलता है। अतः सतीश जी के अनुसार सरकार की नीति ही नहीं है कि सरकारी स्कूल जिन्दा भी रहे। प्राचार्य 1 ने भी एस बात की पुष्टि की है कि...