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Black Wealth(Money) vs Demonetization

काला धन बनाम नकद-मुद्रा कितनी कारगर होगी,  विमुद्रीकरण प्रक्रिया व्यक्ति का धन उसके द्वारा जोड़ी गयी उसकी कुल संपत्ति है । जबकी नोट और सिक्के उस धन का अंश मात्र है और कुल मुद्रा का भी एक हिस्सा भर है । नकदी में नोट और सिक्के आते है जबकि मुद्रा यानी मनी / पैसे में नकद नोटों के साथ बैंक जमा के साथ वे पदार्थ भी आ जाते है, जिनका एक नकद मूल्य है और दूसरे पदार्थों को बेचने और खरीदने के लिए प्रयोग किए जाते है। जबकि व्यक्ति द्वारा जोड़े गये धन में मकान, दूकान, खेत, खलिहान, नकदी, बैंकों में जमा पैसा, सोना-चांदी नामी-बेनामी संपत्ति आदि सब कुछ आता है। कैश / नकदी मुख्यतः तात्कालिक उपभोग जरूरतों और लाभदायक सौदों पर खर्च करने भर के लिए रखी जाती है। उपभोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया गया खर्च है । शेष बचे भाग को बचत कहते है । उस शेष बचे भाग ‘ बचत ’ को लोग लम्बे समय तक करैंसी / नोट के रूप में नहीं रखते। बल्कि उसका प्रयोग पुनः धन-संपत्ति-पूँजी को जोड़ने में कर लिया जाता है । यह बात जितनी सफेद धन्धों पर लागू होती है । उतनी ही गोरख धंधों पर भी । काली कमाई से पैदा हुई, काली बचत भी ...
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आदरणीय महोदय, नमस्कार गोरे और काले अंग्रेजों के बीच के तालमेल को समझने के लिए निम्न लिंक को क्लिक कर पुस्तक एवं संवैधानिक संस्थाओं को भेजे गयेे पत्र पढ़े। साथ जाने अंग्रेजी का बच्चों के सीखने की क्षमता पर प्रभाव ।.. और किस प्रकार अंग्रेजी मानसिक गुलामी के मकड़जाल में फसाये रखती है। इस पुस्तक में यह भी स्पष्ट किया है कि किस प्रकार सुप्रीमकोर्ट का भाषा माध्यम कुकर्मुतो की तरह गली-गली में खुलते अधकचरे अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का कारक है । जब तक ऊपर की व्यवस्था नहीं बदलेगी तब तक नीचे के स्तर पर कोई सुुधार नहीं आयेगा । अपने बच्चों क ो एलिट स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षाविद् कॉमन स्कूल सिस्टम की मांग करेगे और जनता अधकचरे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अपने बच्चों को ठूसेगें पर विवस है । स्पष्ट है ये व्यवस्था का बोझ है जो सृजनात्मक चिंतन में बाधा बना हुआ है । .. ............. ‘इंग्लिश मीडियम सिस्टम’, दैट इज़ ‘अंग्रेजी राज’: भ्रष्टाचार, शोषण, गैरबराबरी की व्यवस्था पर ‘साँस्कृतिक ठप्पा’ पुस्तक एवं इस विषय पर संवैधानिक संस्थाओं को भेजे पत्र पढ़े । निम्न लिंक से डाउनलोड करे, फॉरवर्ड करे प्रकाशि...
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अश्विनी कुमार   ' सुकरात ' जनभाषा जनशिक्षा    जनचेतना अभियान , नई दिल्ली 23/03/2016 सेवा में , माननीय संसद   C/o  राष्ट्रपति , एवं माननीय राष्ट्रपति महोदय , माननीय प्रधानमंत्री महोदय एवं कैबिनेट , एवं लोकसभा अध्यक्ष(लोकसभा के सदन के पटल पर रखने हेतू) एवं लोकसभा याचिका समिति , एवं राज्यसभा सभापति(राज्यसभा के सदन के पटल पर रखने हेतू) ,   एवं राज्यसभा याचिका समिति , एवं नेता प्रतिपक्ष(लोक सभा) , एवं नेता सत्ता सत्ता पक्ष (राज्य सभा) , एवं नेता विरोधी पक्ष(राज्य सभा) , एवं माननीय समस्त सांसद , संसद / राष्ट्रपति भवन / प्रधानमंत्री कार्यालय , दिल्ली 110001 (भारत)   महोदय , खुला पत्र / ज्ञापन/ मन की बात मानसिक गुलामी को बनाए रखने वाले तंत्र के रूप में   ‘ इंग्लिश मीडियम सिस्टम ’ राष्ट्रपति , संसद ,  प्रधानमंत्री से मानसिक गुलामी से आजाद करने की गुहार विषय:-भारतीय समाज को मानसिक गुलामी से मुक्त करने ,  शिक्षा को अंग्रेजी माध्यम के बोझ से    मुक्त कर परिवेश की भाषाओं में केजी स...