आदरणीय महोदय,
नमस्कार
गोरे और काले अंग्रेजों के बीच के तालमेल को समझने के लिए निम्न लिंक को क्लिक कर पुस्तक एवं संवैधानिक संस्थाओं को भेजे गयेे पत्र पढ़े। साथ जाने अंग्रेजी का बच्चों के सीखने की क्षमता पर प्रभाव ।.. और किस प्रकार अंग्रेजी मानसिक गुलामी के मकड़जाल में फसाये रखती है। इस पुस्तक में यह भी स्पष्ट किया है कि किस प्रकार सुप्रीमकोर्ट का भाषा माध्यम कुकर्मुतो की तरह गली-गली में खुलते अधकचरे अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का कारक है । जब तक ऊपर की व्यवस्था नहीं बदलेगी तब तक नीचे के स्तर पर कोई सुुधार नहीं आयेगा । अपने बच्चों को एलिट स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षाविद् कॉमन स्कूल सिस्टम की मांग करेगे और जनता अधकचरे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अपने बच्चों को ठूसेगें पर विवस है । स्पष्ट है ये व्यवस्था का बोझ है जो सृजनात्मक चिंतन में बाधा बना हुआ है । .. .............
‘इंग्लिश मीडियम सिस्टम’, दैट इज़ ‘अंग्रेजी राज’: भ्रष्टाचार, शोषण, गैरबराबरी की व्यवस्था पर ‘साँस्कृतिक ठप्पा’ पुस्तक एवं इस विषय पर संवैधानिक संस्थाओं को भेजे पत्र पढ़े ।
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