कैसे मुकाबला कर पाएंगे – चीनी उत्पादों से (विस्तृत लेख का एक अंश)
कैसे मुकाबला कर पाएंगे – चीनी उत्पादों से विस्तृत लेख का एक अंश हर बड़ी MNC के स्पेयर पार्ट चीन में तैयार होते है। उसने ग्रेटलीप फार्वड नीति के तहत टेक्निकल एजुकेशन पर तथा टेक्नलोजी प्रसार इतना अधिक खर्च किया कि आज चीन की शर्त पर विश्व की तमाम बड़ी एमएनसी के स्पेयर पार्ट प्रोडेक्सन युनिट चीन में स्थापीत है और धीरे-धीरे उसने उनकी टैक्नोलॉजी का भी स्थनीयकरण कर लिया। जबकि हमें एमएनसी को लाने के लिए उनके सामने अनेकों प्रलोभन रखने पड़ते है। हमारे यहाँ जहाँ एमएनसी स्पेयर पार्ट प्रोडेक्सन का काम करती है, वही चीन में उनके स्पेयर पार्ट प्रोडेक्सन का। इसलिए यदि चीन से मुकाबल करना है , तो सिर्फ चाइनीज माल को बाय-बाय करने से काम नहीं चलेगा। बल्कि उसकी तरह शिक्षा , स्वास्थ्य , स्वच्छ आवास में सार्वजनिक निवेश की जरूरत है। नहीं तो एक तरफ चीनी मॉल के बहिष्कार का राग गाते रहो.. और दूसरी तरफ बुलैट ट्रेन , सिग्नेचर ब्रिज , स्टील प्लांट ही नहीं सरदार पटेल का स्टैचू बनाने का ऑर्डर भी चीन के ही पास हो सिर्फ़ चीनी माल के बहिष्कार की अपील सिर्फ एक छल सी लगती है। बेहतर होत...