कोर्ट का चपड़ासी/कर्मचारी जज साहेब के घर का 'घरेलू नौकर'...
कोर्ट का चपड़ासी/कर्मचारी जज साहेब के घर का ' घरेलू नौकर '... ‘ डार्क साइड ऑफ इंडियन ज्यूडिशरी ’ से साभार प्राप्त... सत्यता की जांच पा़ठक/दर्शक खुद करें... या इन विडीयों के सबूतों के संदर्भ में इस साईट के मोडरेटर से सम्पर्क करें। पर हम यहाँ पर सिर्फ ये कहना चाहेंगे कि यदि ये विडीयो 1 प्रतिशत भी सत्य है तो , अदालतों से न्याय की उम्मीद बेमानी है। अंग्रेजों ने जो कानून चंद अंग्रेजी हुकूमतदारों की सुरक्षा एवं अंग्रेजों की भारतीयों के ऊपर श्रेष्ठता सिद्ध करने के लिए बनाए थे। वे आज तक वैसे के वैसे है। जनता न्याय की उम्मीद नें तारिख पर तारिख लिए जा रही है। बेगुनाह जेलों में सड़ रहे है। बेगुनाह आदालतों से बच कर निकल जा रहे है। वकील से लेकर आदाल के हर कर्मचारी के माध्यम से जनता की जेब काटी जा रही हो। और अदालते भ्रष्टाचार का गढ़ बनी हुई है। तो ऐसी कानून व्यवस्था में न्याय की उम्मीद करना बेमानी है। जहहां जज की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति अपने पद का दुरूपयोग करता हो। जहां उगाही का पैसा ऊपर से नीचे तक सबमें बटता हो, ऐसी न्याय - कानून व्यवस्था में बलात्कार चोरी डकैती हर तरह के अपराध ब...