प्रवासी मजदूर या विस्थापित मज़दूर : क्या कहना उचित होगा?
गांव और कस्बों एक क्षेत्र में बेहतर रोजगार , शिक्षा आदि ना होने की वजह से जब लोग , गांव-कस्बों से ऐच्छिक तौर पर शहर-महानगर या दूसरे क्षेत्र में आते है , तब प्रवजन करने वाले लोग प्रवासी कहलाते हैं। परन्तु , शहर-महानगर या दूसरे क्षेत्र में कोई स्थाई ठिकाना , स्थाई रोजगार ना होने और शहर का जीवन यापन लागत वहन न कर पाने की स्थिति में , अब इस करोना महामारी की वजह से , जब लोग महानगरों से आपने गांव और कस्बों में वापस जा रहे हैं तो , अब वे प्रवजित प्रवासी नहीं , विस्थापित ही कहलाएंगे। प्रवास एक ऐच्छिक क्रिया है और बेहतर संभावना की तलाश में होती है। जबकि विस्थापन अनैच्छिक और कोई और विकल्प न रह जाने की स्थिति में , मजबूरी वश उठाया गया कदम मात्र। अब सवाल उठता है, क्या वापस जाते लोगों के पास वापस जाने के अलावा और कोई विकल्प है ? यदि, नहीं तब ही वे जा रहे है। तो यह प्रवर्जन / प्रवास नहीं विस्थापन ही है। प्रवजन के पीछे भी नीतिगत खामियाँ हो सकती है। पर, प्रवजन हमेशा एक बेहतर विकल्प की संभावना से वहां हो सकता है, जहाँ बेहतर विकल्प उपलब्ध हो। जैसे आम गा...