महामारी कानून 1897, आपदा प्रबंधन कानून 2005 और महामारी रोकने का तरीका
महामारी कानून 1897 सरकार को यह आदेश देता है कि कोई भी व्यक्ति ऐसे इलाके से दूसरे इलाके प्रवेश नहीं कर सकता जहां महामारी फैली हुई है। यदि आता है तो उसी स्थिति में उसे सरकार की निगरानी में 14 से 21 दिनों तक के लिए एकांतवास अर्थात, क्वॉरेंटाइन में रहना पड़ेगा।
यह बात जितना देश कि एक कोने से दूसरे कोने जाने वाले लोगों पर लागू होती है उतना ही विदेशों से आने वाले लोगों पर भी।
देश में महामारी समुदायिक संचार स्थिति तक नहीं पहुंची थी इसके बावजूद भी देश के लोगों को आपने रेल और बस रोककर जहां थे वहीं अपनी तरफ से स्टैचू कर दिया। परंतु विदेश से आने वाले लोगों को लाने के लिए आप विशेष विमान और जलयान भेज रहे हैं यह कहां तक न्याय है? जबकि 30 जनवरी को ही वर्ल्ड हेल्थ इमरजेंसी डिक्लेअर कर दी गई थी। इसका सीधा अर्थ है विश्व में महामारी अपने पांव पसार रही है। अपने अपने क्षेत्र में आने वाले लोगों का क्वॉरेंटाइन अर्थात एकांतवास निश्चित करो। पर इस दिशा में कोई कदम आपने नहीं उठाया। पहले भी इसी दौरान विदेशों से लोग आए और एकांतवास की जगह ट्रंप के हेलो इंडिया कार्यक्रम में शामिल हुए, बिजनेस और पार्टियों की जिस कारण रोग फैला। अब आप यह दूसरी खेप लेकर आ रहे हैं। स्टेचू सिर्फ देश के लोगों को ही बनाया जा सकता है?
देश में महामारी समुदायिक संचार स्थिति तक नहीं पहुंची थी इसके बावजूद भी देश के लोगों को आपने रेल और बस रोककर जहां थे वहीं अपनी तरफ से स्टैचू कर दिया। परंतु विदेश से आने वाले लोगों को लाने के लिए आप विशेष विमान और जलयान भेज रहे हैं यह कहां तक न्याय है? जबकि 30 जनवरी को ही वर्ल्ड हेल्थ इमरजेंसी डिक्लेअर कर दी गई थी। इसका सीधा अर्थ है विश्व में महामारी अपने पांव पसार रही है। अपने अपने क्षेत्र में आने वाले लोगों का क्वॉरेंटाइन अर्थात एकांतवास निश्चित करो। पर इस दिशा में कोई कदम आपने नहीं उठाया। पहले भी इसी दौरान विदेशों से लोग आए और एकांतवास की जगह ट्रंप के हेलो इंडिया कार्यक्रम में शामिल हुए, बिजनेस और पार्टियों की जिस कारण रोग फैला। अब आप यह दूसरी खेप लेकर आ रहे हैं। स्टेचू सिर्फ देश के लोगों को ही बनाया जा सकता है?




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